Tuesday, May 16, 2023

Right To recall

 "राइट टू रिकॉल" (Right to Recall) एक नागरिकाधिकार है जिसके द्वारा नागरिकों को अपने निर्वाचित प्रतिनिधि को अवकाशित करने का अधिकार होता है। इसका मतलब होता है कि यदि निर्वाचित प्रतिनिधि अपने कार्यकाल के दौरान नागरिकों की उम्मीदों या मांगों पर पूरी तरह से पूरा नहीं उतरता है, तो नागरिकों के पास उन्हें अवकाशित करने का अधिकार होता है।


राइट टू रिकॉल की सिद्धांतिक आधार में माना जाता है कि नागरिकों का विश्वासमत प्रतिनिधि सरकार के नियंत्रण में होना चाहिए, और वे प्रतिनिधि के कार्यों और निर्णयों पर निर्धारित समय के बाद फिर से निर्वाचित करने का अधिकार रखते हैं। इसे एक उपनगर चुनाव के रूप में भी जाना जाता है, जहां नागरिक अपने निर्वाचित प्रतिनिधि की निष्पक्षता और कार्यक्षमता के आधार पर उसे अवकाशित कर सकते हैं।


राइट टू रिकॉल की व्यवस्था के बारे में अनेक विचाराधीन मामले हैं। कुछ लोग इसे नागरिकों के नियंत्रण का महत्व


पूर्ण माध्यम मानते हैं, जबकि कुछ इसे निर्वाचित प्रतिनिधि के पास कार्यकाल के दौरान निष्पक्षता और कार्यक्षमता का दबाव डालने का माध्यम मानते हैं। हालांकि, इसके प्राकृतिक व्यवस्थापन और कार्यान्वयन की कठिनाइयाँ हो सकती हैं, और इसे निष्पादित करने के लिए संविधानिक, कानूनी, और निर्वाचन प्रक्रिया संबंधी संशोधन की जरूरत होती है।


भारतीय संविधान में "राइट टू रिकॉल" नामक कोई विशेष अधिकार या प्रावधान नहीं है, और इसके लागू होने के बारे में कोई साधारित नियम नहीं हैं। इसलिए, राइट टू रिकॉल की सामान्य व्याख्या देश के विभिन्न नागरिकों और समाज के विचारधारा पर आधारित होती है और इसे अलग-अलग तरीकों में व्याख्या किया जा सकता है।

बंजारा समाज

 बंजारा समाज एक भारतीय जाति है जो मुख्य रूप से गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान,उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक में बसा हुआ है। बंजारा समाज अपनी खास संस्कृति, आर्थिक गतिविधियों और सामाजिक प्रथाओं के लिए प्रसिद्ध है।


बंजारा समाज की जाति समूह में गाड़ी, मदार, लंगड़ा, भांगर और नतबान्या शामिल हैं। इन जातियों के सदस्यों का मुख्य ध्येय होता है खड़े शेरनी या घोड़े की दौड़ करते हुए व्यापार करना। इसलिए वे रोड़ों पर यात्रा करते हैं और वस्त्र, खाद्य पदार्थ और अन्य वस्तुओं की व्यापारिक गतिविधियों में निर्माण और विपणन करते हैं।


बंजारा समाज के सदस्य गरीबी, असामाजिकता और शोषण के सामाजिक मुद्दों का सामना करते हैं। वे अक्सर सामाजिक रूप से छुटीसमय जाति के रूप में देखे जाते हैं और अधिकांशतः न्याय, सम्मान और अवसरों से वंचित रहते हैं। उन्हें शिक्षा, स्व


ास्थ्य सुविधाएं, और आर्थिक विकास के अवसरों में बाधाएं आती हैं।


बंजारा समाज की संस्कृति और परंपराएं उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वे अपने प्राचीन नृत्य, गीत, संगीत, और परंपरागत पहनावों के लिए प्रसिद्ध हैं। उनका परंपरागत विवाह प्रणाली, धार्मिक आयोजन और सामाजिक गतिविधियों में विशेष महत्त्व होता है।


बंजारा समाज के सदस्य आज भी अपनी पारंपरिक रीति-रिवाजों, धर्म और सामाजिक अदालतों का पालन करते हैं। हालांकि, उन्हें अपने शिक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक उच्चताओं में सुधार की आवश्यकता है। उन्हें समाज के अन्य सदस्यों के साथ सामाजिक समानता और विकास की सुविधाएं मिलनी चाहिए।

Sunday, August 22, 2021

रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये?

Covid19 कोरोना वायरस से बचाव के लिये भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार योग को प्रतिदिन सुबह 30 मिनिट करने के लिये बताया गया हैं । हमने कुछ योगा और व्ययाम बताए हैं जो आप घर हर कर भी आसानी से कर सकते हैं और इस महामारी से बचाव कर सकते।

Friday, August 20, 2021

चंद्र नमस्कार

 चंद्र नमस्कार करने के अनेक फायदे है । चंद्र नमस्कार से व्यक्ति का शरीर मजबूत होता है 

Tuesday, April 28, 2020

रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये?

कोरोना वायरस (covid19) से बचाव के लिये भारत सरकार  के आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार 30 मिनट के लिये योग करने को बताया गया है। जो भी कोई योग करना चाहता है तो हमसे संपर्क कर सकता हैं 8287260223 राहुल भारतीय और ये व्ययाम भी अपने घर पर रहकर आसानी से कर सकता है और भी बहुत योगासन है और व्ययाम है जिसके माध्यम से आप अपने जीवन मे स्वस्थ रह सकते हैं करो योग रहो निरोग।

Friday, March 20, 2020

कच्चे तेल के गिरते दाम cruwed oil

आज विश्व के सभी देशों में तेल की दरों में गिरावट देखने को मिल रही है क्योंकि कच्चे तेल की दरों में भारी मात्रा में गिरावट देखने को मिल रही है लगभग 50% से भी अधिक जानकारी के अनुसार आज कच्चे तेल का भाव 30$ प्रित बैरल है जो कभी 130$  बैरल हुआ करता था जब भारत मे तेल का भाव लगभग 25-30  रुपये प्रित लीटर था फिर आज क्यों 70+ चल रहा है इस ग्राफ में आप साफ देख सकते हैं। क्या सरकार को तेल की दरों में कमी करनी चाहिए या नही?
2011-2020 तक का ग्राफ है।

Mp में कमल की सरकार

आज फ्लोर टेस्ट में कमलनाथ सरकार फैल हो गयी और मध्यप्रदेश सरकार के राज्यपाल लाल जी टंडन को अपना स्तीफा सौफने को कहा ।इस प्रकार के राजनैतिक महत्वाकांक्षा के लिये कितने घमासान होते हैं और जनता का कितना पैसे इन विधायकों को खरीदने में बर्बाद होता है क्या यह आपके हिसाव से ऐसा बदलाब अच्छा है या खतरनाक आप अपनी राय जरूर दे?

अध्याय 1 प्यार की पहली दस्तक "कुछ मुलाकातें इत्तफ़ाक नहीं होतीं, वे किस्मत की लिखी हुई पहली पंक्ति होती हैं।" ज़िंदगी अपनी रफ़्तार से चल रही थी। हर सुबह सूरज उगता, शाम ढलती और दिन बीतते जाते। सब कुछ सामान्य था, जब तक कि एक दिन किसी की मुस्कान ने समय को जैसे कुछ पल के लिए रोक नहीं दिया। पहली नज़र में जो एहसास हुआ, उसे शब्दों में बाँधना आसान नहीं था। वह केवल आकर्षण नहीं था, बल्कि एक अनजाना अपनापन था। ऐसा लगा मानो वर्षों से बिछड़ा कोई अपना अचानक सामने आ गया हो। धीरे-धीरे बातचीत शुरू हुई। छोटी-छोटी बातें लंबी चर्चाओं में बदलने लगीं। एक-दूसरे की पसंद, नापसंद, सपने, डर और उम्मीदें साझा होने लगीं। हर संदेश का इंतज़ार रहने लगा और हर मुलाकात दिन का सबसे खूबसूरत पल बन गई। यही वह समय था जब दिल ने दिमाग से आगे निकलना शुरू कर दिया। इंसान सामने वाले की कमियाँ नहीं, केवल उसकी अच्छाइयाँ देखने लगता है। शायद इसी वजह से लोग कहते हैं कि "प्यार अंधा होता है।" लेकिन क्या सचमुच प्यार अंधा होता है? शायद नहीं। प्यार अंधा नहीं होता, बल्कि वह भरोसे से भरा होता है। वह सामने वाले को उसकी कमियों सहित स्वीकार कर लेता है। यही उसकी सबसे बड़ी खूबसूरती भी है और सबसे बड़ी परीक्षा भी। समय बीतता गया। दोनों ने साथ जीने के सपने देखने शुरू किए। उन्हें लगा कि सच्चा प्यार हर मुश्किल पर जीत हासिल कर लेगा। लेकिन जीवन केवल भावनाओं से नहीं चलता। परिवार, समाज, जिम्मेदारियाँ, करियर और परिस्थितियाँ भी अपनी जगह रखती हैं। उसी समय एक सवाल जन्म लेता है— अगर प्यार इतना सच्चा था, तो आगे क्या हुआ? क्या सच्चा प्यार हमेशा अपनी मंज़िल तक पहुँचता है, या कुछ कहानियाँ अधूरी रहकर ही अमर बन जाती हैं? इस प्रश्न का उत्तर तुरंत नहीं मिलता। कुछ उत्तर समय के पास होते हैं, और समय उन्हें तभी देता है जब इंसान जीवन के कई मौसम देख चुका होता है। यहीं से इस कहानी की असली यात्रा शुरू होती है—एक ऐसे सफ़र की, जहाँ प्रेम है, विश्वास है, संघर्ष है, बिछड़ना है और अंततः स्वयं को पहचानने की कोशिश है। क्योंकि कुछ सवालों के जवाब सचमुच वक्त देता है…